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बेटीके करुण पुकार



माय गे तोहे किया हमराले कसाइ बनल छि
हम त किछो नै कहलयौ तोरा तैइयो किये पराइ बनल छि ।

भगवानक रचना इ सुन्दर संसार छै
इष्ट मित्र लग हमरे भेदभाव छै
हम अपने नै बन्लयौ ओहन
भगवान के आदेश तोइर बताह बनल छि
हम त किछो नै कहलयौ तोरा तैइयो किये कसाइ बनल छि ।

संसार छै हमरे सं,
तोरोमे छौ कमरे रुप
बेटा होइछै सुरजक किरण
हामरे अचरा हरयर धूप
तैयो किये हमरा फेक क अबै छि
हम त किछो नै कहलयौ तोरा तैइयो किये कसाइ बनल छि ।

सागर त एक दिन सुइख जेतै
सुरुज उगनाइ रुइक जेतै
हमरा जौँ अहिना गर्भैमे कारबे माय गे
धरतीपर बंश बाइहर रुइक जेतै
फेरो किये हमरा हकन कन्बै छि
हम त किछो नै कहलयौ तोरा तैइयो किये कसाइ बनल छि ।

हर घरमे हरा उपास्ना होइछै
भगवतीके रुपमे बन्दना हाइ छै
जौ घर जनम लै बेटी गे माय
आते कपार धैर बापक बिडम्बना होइ छै

अपनो जाग माय हमरा बचाले
दहेजमे हौलसैत प्राण जोगादे
पेटेमे किये मारौछे हमरा
बाहार निकलके एकटा रस्ता बनादे
सुन्दर संसार देखाके नैना जुरादे ।
सुन्दर संसार देखाके नैना जुरादे ।

दिनेश रसिया लहान सिरहा

अटकन मटकन

अटकन मटकन धेले चटकन
नेपालमे संविधान फरे
मधेशी जनता भुखे मरे
से जनता के नाम कि
मुर्ख मधेशी, इंडियन धोत्ती
नाम देलक निरङ्कुष  सासक विदेशी
मुदा हेतै फेर सोन सन बिहान
हमहु बनब एत महान
सँग चलु आँहा हम कि करब असगर
बाजु बौवा नब घर लेब कि पुरान घर

दिनेश रसिया लहान सिरहा

अजब सरकार गजब हडताल


सोनक टुकरी देश हमर
से फसल आइ बिच भवँर

के लगायत एकरा पार
देख चलती एकर पिटे जनता कपार

हम नचै छि अपने ताले ओ नचैय अपने ताल
शान्तिके अहि देशमे अजब सरकार आ गजब हडताल ।।

नजैर अगाडीमे हुवे नै खोकी झुठे एत कुकुरसन भुकी
क्यो करैये रासन चोरी कक्रो घर रोटियेले दुखी 

कतौ करे फठा जुलुस कतैह मसालमे आइग
आगा बढा जनताके नेता जाइये पछाडी भाइग 

अहिसे एतके जनता सब होइये खुब बेहाल
शान्तिके अहि देशमे अजब सरकार आ गजब हडताल ।।

देखलौ अतै कुकुर रयाली एतै लगल य गदहाके व्यापार
थारी पिटे अतैके जनता अकरे कपारपर होइये प्रहार

नेता सबके गजब एत गजबके  व्यवहार
कतौ करिया झन्डा कतौ दिपाबली त्योहार

वाह रे वाह हमर सरकार
जनतेके एत करे लचार

कतौ दुखक सागर कतौ डिस्को सुरताल
शान्तिके अहि देशमे अजब सरकार आ गजब हडताल ।।
दिनेश रसिया लहान सिरहा २०७२–०६–०६


मन खुुशी नयन अश्रुधार


बड स्नेह सं ओक्रा लगेलियै
अपन खुन सं ओक्रा सिचलौ
गाछी धिरे धिरे बरह लागल
फल लागल फूल लागल,
आम जेका मोजराय लागल

मुदा हाय रे हमर भाग
जैन कपारे छल फुटल
मोती जेका रहल हमर 
सब पाइत टुटल
फल तोरा गेलौह जखन
तखने चोरबा सबटा खा गेलौ ।।

अखन अपने बारीमे पाकल य फल
मोल छल हर्षित बड ललचायल
कि कहु केहन छल ओ पल
घरक मलकिबा धेने छल जल–थल
सात समुन्दर पार तक अछि हमर चर्चा
मुदा हमर घरमे जुमैय ने खर्चा ।।

दोधारमे पडल छि आइ हम
मोन अछि खुशी आइख अछि नम
खुशी छि जे देशमे बनल य संविद्यान
मुदा हमरलेल विधने अछि जैन बाम
मन होइये दिवाली मनबी हमहु
मुदा अधिकारके माँगी  भाइ हमर लैय हमर जान ।।

हमर लहास पर करै ये संविद्यानक व्यापार
भाइके घरमे देख दियाबाती
मन अछि खुशी नयन अश्रुधार
मन अछि खुशी नयन अश्रुधार ।।


दिनेश रसिया लहान सिरहा २०७२–६–१

दिनेश रसिया

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